हिन्दीविभाग
हिन्दीहमारीपहचान है।
देशहमाराहिन्दुस्तान है।
सरदार पटेल कॉलेजकी स्थापना१९७०(1970) मेंकी गई है।इसकेसाथ साथ इसविद्यालय मेंहिन्दीविभागभी खोला गया है।तब से लेकर आज तक यह विभागनिरंतरचल रहा है।इसविद्यालय में बीए(BA),बीबीए(BBA),बीकम,(B.Com),बीएससी(B.Sc),आदिकोर्स हैं।उक्तकोर्स मेंपढ़ने वालेलगभगआधेछात्रद्वितीयभाषाहिन्दीको चैनकर के पढ़ रहे हैं।इस विद्यालय सेपढ़े हुएछात्र-छात्राओं ने अच्छी-अच्छी उपलब्धियॉं पायी हैं।
निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल, बिन निज भाषा ज्ञान के, मिटन न हिय के सूल'।
भारतेंदू हरिश्चन्द्र
अर्थात मातृभाषा की उन्नति बिना किसी भी समाज की तरक्की संभव नहीं है तथा अपनी भाषा के ज्ञान के बिना मन की पीड़ा को दूर करना भी मुश्किल है।
‘राष्ट्रभाषा के बिना राष्ट्र गूंगा है'।
- महात्मा गांधी
| S.No. | NAME | QUALIFICATION | DESIGNATION | YEARS OF EXPERIENCE |
|---|---|---|---|---|
| 1. | Dr. Anjali Kumari | Ph.D, M.A., B.Sc., P.G.D.T | Assistant Professorr | 1 |
| 2. | Dr. B. Yashoda | Ph.D, M.A., M.Phil | Assistant Professorr | 1 |
Date: 03rd September 2024
Event: Hindi Diwas Samaroh
Our college celebrated Hindi Diwas on 10th September 2024 with Essay Writing, Elocution, and Singing competitions, in which many U.G. students participated. A total of 10 winners and runners-up were selected.
On 30th September 2024, the Hindi Diwas Samaroh was held, with Professor Mayadevi, HOD of Hindi Department, Osmania University, as the chief guest. The event began at 2:30 p.m., with a lamp lighting ceremony led by Vice Principal Dr. Amarnatha Sharma, who emphasized the importance of Hindi.
In her speech, Professor Mayadevi highlighted Hindi’s international significance and its relevance to job opportunities. Principal Dr. N. Hemalatha encouraged students to appreciate Hindi and learn from scholars like Professor Mayadevi. Dr. Mohd. Raoofuddin, Associate Professor of Hindi, expressed joy over the students’ interest in learning Hindi.
The prize distribution ceremony honored winners of the competitions and five B.Com final-year students who were runners-up in the Antakshari Competition at Kasturba College. The event concluded with cultural performances and was anchored by Syed Harun Rasheed (B.Sc. first year), with the vote of thanks given by M.S. Khuswanth (B.Com final year).
Dr. Mohd. Raoofuddin
Associate Professor, Hindi
S.P. College, Secunderabad
विदेशकीयात्रा(Foreign tour):
२०१५मेंसामाजिकन्यायऔर अधिकार मंत्रालय, भारतसरकारकेसहायता से,डॉ.बी.आर.अम्बेडकरके१२५वां जन्मदिवसकेसन्दर्भ में शैक्षणिकपर्यटनके लिए विदेश कीयात्रा,कॉलुंबिया विश्वविद्यालय, न्यूयॉर्कऔर वाशिंगटनडीसी यूएसए की संदर्श किया गया है।
प्रकाशितकिताबें
a) ‘हिन्दीउपन्यासऔर साम्प्रदायिकता’ (किताब), मिलिंदप्रकाशन,हैदराबाद सेप्रकाशित,ISBN: 81-86907-34-3.
b) ‘वंचितसमुदायोंकी संघर्षयात्रा’ (किताब), अनंग प्रकाशन,नई दिल्लीसे प्रकाशित, ISBN:978-93-80845-72-
प्रकाशितशोधपत्र :
a) ‘समकालीनताऔर केदारनाथसिंहकी कविताऔं में यथार्थ बोध’, ७४-७६, साहित्य सेतु, ए.पी.हिन्दीअक्केडेमी,हैदराबाद (अप्रैल-जुन,२०१५), ISSN:२३४८-६१६३.
b) ’समाजऔर साम्प्रदायिकता: हिन्दी उपन्यास’,४६-५०, शोध दृष्टि (२०१२),ISSN:०९७६-६६५०
c) ‘तेलंगानाइतिहासऔरआदिवासी: स्वतंत्रता के लिए संघर्ष’,1-2, अनुकृति (आईआर आरजे) २०१४, ISSN:2250-1193
d) मेंसाम्प्रदायिकताकी समस्याऔरराजेन्द्र यादव: समालोचनात्मक दृष्टि’,३९-४२,अनुकृति (आई आर आर जे) जनुअरी-मार्च,२०१४,ISSN:२२५०-११९३
e) ‘साम्प्रदायिकसंस्कृतिकेविरोधीस्वर:हिन्दीउपन्यास’,८५-८९,चिन्तन(आई आर आर जे)जनुअरि-मार्च, २०१२,ISSN:२२२९-८२२८.
राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठियों में शोधपत्रों का प्रस्तूत:
a) ‘समकालीन हिंदी उपन्यासों मेंआदिवासीस्वर’,२१-२२मार्च२०२२,‘समकालीन साहित्य में हाशिए केस्वर’,हिन्दीविभाग, उस्मानियाविश्वविद्यालय, तेलंगाना।
b) ‘इंडिजिनियॉस सोसियल रिफॉर्म मोमेंट्सइन इंडिया: कॉन्ट्रिब्यूशनआफ सद्गुरुसेवालाल’,२१अगस्त २०१७,इंडिजिनियॉस सोसियल रिफॉर्म मोमेंट्स इनइंडिया:कॉन्ट्रिब्यूशन आफ सद्गुरु सेवालाल,सेन्टर फार दलितएण्डआदिवासीस्टडीजएण्डट्रान्सलेशन,स्कूलआफह्यूमानिटीज, यूनिवर्सिटी ऑफ हैदराबाद।
c) ‘डॉ.बी.आर.अम्बेडकरऔरसामाजिकदर्शन’,२८-२९मार्च२०१६,डॉ.अम्बेडकरकी विचारधाराऔरवैश्विकसाहित्य,हिन्दी विभाग, मुंबईविश्वविद्यालय।
d) ‘जंगल केफूलउपन्यास में चित्रितआदिवासीजीवनसंस्कृति’,११-१२अप्रैल२०१५, आदिवासीजनजातिसमाज, संस्कृति,कला और साहित्य:२१वींशताब्दीकेपरिप्रेक्ष में’,जनजातीयशोध एवं विकाससंस्थानवारनाशि-२२१००३एवंजनजातिएवंलोककला संस्कृति संस्थान, संस्कृतिविभाग, यू.पी.सरकारसंयुक्त तत्वावधान,राष्ट्रीयसंगोष्ठ।
e) ‘सोनालेकनदिसुमभारत बनामकॉर्पोरेट-एम एन सीइंडिया: गायब होता देश (उपन्यास) के सन्दर्भमें’,११-१२अक्तूबर२०१४,‘हिन्दी उपन्यास और आदिवासीचिन्तन’(संघर्ष,सपनेऔरचुनौतियां एवंइक्कीसवीं सदी), शासकीयस्वशासीस्नातकोत्तरमहाविद्यालयएवंशोधअध्ययनकेन्द्र,सतना,मध्यप्रदेश।